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           अपनी छ्मतायें पहचानिए तो सही

हर मानव के अन्दर एक अमूल्य ऊर्जा छिपी होती हैं न तो हम उसका सदुपयोग कर पाते हैं न ही पहचान पाते हैं |
जिस प्रकार  एक बीज मैं एक बड़े पेड़ बनाने की छमता होती हैं यदि उसको सही पोषण सही वातावरण मिल जाए तो वह एक विशाल रूप मैं आने लगता हैं | इसी प्रकार हर इन्सान के अन्दर भी बहुत तरह की सम्भवनाये होती हैं यदि उन्हें सही मार्गदर्शन और पोषण नही मिलता हैं तो वह ऊर्जा दब जाती हैं और इन्सान उन्हें पहचान नही पाता हैं या उनके गलत प्रयोग से गलत चीजो को अंजाम दे देता हैं और उसके परिणाम इतने गलत होते हैं पूरी जिन्दगी भी उनसे उभर नही पाता हैं इसीलिए ये बहुत अनिवार्य हैं अपनी ऊर्जा को सही से पहचानो और उनका सदुपयोग करके सही ख्याति प्राप्त करो |

आजकल इस संसार को ऐसे ही प्राणी की जरूरत हैं जो अपनी अन्दर शक्तियों को पहचाने और कठिन परिश्रम करके अपने सपनो को साकार करे और समाज के कल्याण में अपना विशेष योगदान दे पर ऐसा आजकल बहुत कम देखने को मिल रहा हैं | लोग थोड़े थोड़े लालच के लिए गलत रास्ता अपना लेते हैं और उनके दुष्परिणाम को भोगते हैं | ऐसे इंसानों को कुछ सिखाने की जरुरत हैं ,सही मार्गदर्शन देने की जरुरत हैं जिससे वो गलत कामो से बच जाए और अपने अनमोल जीवन को सही दिशा में लगायें इससे वो भी गलत कामो से बच सकते हैं और हमारा देश भी उन सब गलत कामो से बचा  सकते  हैं |


यदि इन्सान सच्चे मन दृढ संकल्प करे , साहस से कार्य करे तो गलत मार्ग चुने बिना अपनी मंजिल पा सकता हैं और हमारे समाज को एक मजबूती मिल सकती हैं  |

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