काश कही ऐसा हो जाता 


काश कही ऐसा हो जाता

कतरा भी दरिया हो जाता

कतरा भी दरिया हो जाता

तो मैं भी उस जैसा हो जाता

मैं भी उस जैसा हो जाता

तो हंगामा खड़ा हो जाता


हंगामा खड़ा हो जाता

तो मेरा भी चर्चा हो जाता

मेरा भी चर्चा हो जाता

तो मैं  भी न कुछ से कुछ हो जाता 

मैं  भी ना कुछ से कुछ हो जाता

लोगो को क्या क्या हो जाता ||


 




                             यादें





      मेरा होकर भी नहीं कहता कि मैं तेरा हूँ
      
      बस ये ही एक कमी हैं मेरे हरजाई में 
      
      दाद जिन गज़लो  पे देता नहीं महफ़िल में कभी
      
      गुनगुनाता हूँ उन्ही गज़लो को तन्हाई मैं ||  





         


       जो हम पर गुजरती हैं सुनाई नहीं हमने
       
       दिल की कोई चोट दिखाई नहीं हमने

       वो बात जो कह देते हैं  हम तुमसे

       
       वो बात तो ख़ुद को भी बताई नहीं हमने ||

           अपनी छ्मतायें पहचानिए तो सही

हर मानव के अन्दर एक अमूल्य ऊर्जा छिपी होती हैं न तो हम उसका सदुपयोग कर पाते हैं न ही पहचान पाते हैं |
जिस प्रकार  एक बीज मैं एक बड़े पेड़ बनाने की छमता होती हैं यदि उसको सही पोषण सही वातावरण मिल जाए तो वह एक विशाल रूप मैं आने लगता हैं | इसी प्रकार हर इन्सान के अन्दर भी बहुत तरह की सम्भवनाये होती हैं यदि उन्हें सही मार्गदर्शन और पोषण नही मिलता हैं तो वह ऊर्जा दब जाती हैं और इन्सान उन्हें पहचान नही पाता हैं या उनके गलत प्रयोग से गलत चीजो को अंजाम दे देता हैं और उसके परिणाम इतने गलत होते हैं पूरी जिन्दगी भी उनसे उभर नही पाता हैं इसीलिए ये बहुत अनिवार्य हैं अपनी ऊर्जा को सही से पहचानो और उनका सदुपयोग करके सही ख्याति प्राप्त करो |

आजकल इस संसार को ऐसे ही प्राणी की जरूरत हैं जो अपनी अन्दर शक्तियों को पहचाने और कठिन परिश्रम करके अपने सपनो को साकार करे और समाज के कल्याण में अपना विशेष योगदान दे पर ऐसा आजकल बहुत कम देखने को मिल रहा हैं | लोग थोड़े थोड़े लालच के लिए गलत रास्ता अपना लेते हैं और उनके दुष्परिणाम को भोगते हैं | ऐसे इंसानों को कुछ सिखाने की जरुरत हैं ,सही मार्गदर्शन देने की जरुरत हैं जिससे वो गलत कामो से बच जाए और अपने अनमोल जीवन को सही दिशा में लगायें इससे वो भी गलत कामो से बच सकते हैं और हमारा देश भी उन सब गलत कामो से बचा  सकते  हैं |


यदि इन्सान सच्चे मन दृढ संकल्प करे , साहस से कार्य करे तो गलत मार्ग चुने बिना अपनी मंजिल पा सकता हैं और हमारे समाज को एक मजबूती मिल सकती हैं  |

                         बेटियां

चांदनी उतरी है मेरे अंगना

बजा ढोलिये ढोल जोर से

बेटी ने घर जनम लिया

 गत जन्मो में मैंने कैसा कितना जाने पुण्य किया

उन कर्मो का फल पाया हैं घर बेटी का जन्म आया है

राम रखियो खुश बेटी को होवे कभी तंग ना

चांदनी उतरी है मेरे अंगना ||


तू खुश है तो मै खुश हूँ कैसे राम लिखे लेखा

बाबुल की भीगी आँखों को किसने पोछा औ देखा

ले आशीष पिता की बेटी छुटे मेहँदी ना

चांदनी उतरी है मेरे अंगना ||


जब लोटे सजना के घर से ऐसी हंसी अधर धरना

मै ये समझूँ खुश है बेटी दुःख की बाते मत करना

सूरज चन्द्र जब तक चमके खनके तोरे कंगना


चांदनी उतरी है मेरे अंगना ||



                         

           
                      हिन्दुस्तान


सुलग रही हैं सारी  धरती झुलस रहा उद्यान रे
इसे बचा लो मेरे भैया डूबा हिन्दुस्तान रे |

आग भले ही दूर लगे पर लपट सभी तक आयगी
आंधी सब कुटियाँ महलो के जलते दीप बुझायगी

सावधान मेरे यारों देश बिखरने वाला है
अमर शहीदों के सपनो की नीद उजड़ने वाला हैं

हो न जाए बंजर धरती स्वर्ण धरा शमशान रे
इसे बचा लो मरे भैया डूबा हिन्दुस्तान रे


रोज इबादत उनकी करता जो भारत के लिए मरे
और सीचता उन वृक्षों को जिनके पत्ते हरे झरे

मेरे घर तस्वीर उन्ही की नहीं किसी भगवान की
धर्म न बदलो हालत बदलो अपने हिन्दुस्तान की

जो भारत के लिए मिटेगा होगा वही महान रे
इसे बचा लो मेरे भैया डूबा हिन्दुस्तान रे

कुछ मुट्ठी में हैं  तो सूरज कुछ मुट्ठी में चंद्रमा
इस आँगन धरती आधी एक आँगन में आसमां

सब अंधेरो की मुस्काने अब कुछ अंधेरो में ठहरी हैं
गाँव गाँव हर शहर की गलियां गूंगी बहरी हैं

परिवर्तन हैं अपने हाथो बदलो देश जहाँ रे
इसे बचा लो मरे भैया डूबा हिन्दुस्तान रे





                
                                        

सफलता के आवश्यक सूत्र


इन्सान पूरे जीवन सफलता और असफलता से घिरा रहता हैं , फिर भी कुछ ऐसे गुण हैं जिनसे सफलता मिलने

 में बहुत  आसानी  होती हैं अगर हम सब लोग उनका संयम और द्रढ़ता से पालन करे हमे सफलता आसानी से

प्राप्त हो सकती हैं |

सफलता के सूत्र-

1-   बदलाव से डरते नही-  बदलाव एक सतत प्रकिर्या हैं  | हर छण कुछ न कुछ बदलता रहता हैं | हर समय एक  जैसा नहीं रहता है यही जीवन का नियम है | सफल व्यक्ति लचीले स्वाभाव के होते है | विपिरीत परिस्थिथि        आने पर डरते नहीं है डट के मुक़बुला करते है और गलतियों को दोहराते नहीं है |


    
2-  आगे की सोचते हैं- सफल व्यक्ति हमेशा आगे की सोचते हैं| हमेशा सकारात्मक सोच रखते हैं| छोटी -2 बातो

को तौल नही देते हैं | उन्हें हमेशा ये ध्यान रहता हैं सब कुछ अपने अनुसार नही होता हैं यही प्रकृति का नियम हैं |

3-    अपने आप पर नियंत्रण- उन्हें अपने आप पर हमेशा विश्वास होता हैं और उन्हें ये डर नहीं होता हैं की कोई 

उनका साथ नही देगा तो वो अकेले पड जायेंगे .|

4-  धैर्यवान होते है- वो लोग बहुत धैर्यवान होते हैं जोकिसी  भी मंजिल को पाने का बहुत बड़ा गुण हैं. |

    
5- अपनी शक्ति का सदुपयोग- सफल व्यक्ति अपनी ऊर्जा का सही प्रयोग करते हैं. समय की कीमत को अच्छे 

से समझते हैं|


   

6- चुनोतियों से घबराते नही हैं -   और अपने सतत प्रयास से अपनी अपनी मंजिल को पा जाते हैं |


                                                                              चिंतन
बेटी अन्तस की गज़ल बेटा मन का गीत

दोनों ही प्यारे मुझे ,दोनों से ही प्रीत 

राजा हो या रंक हो दुखड़ा एक समान

जिसकी बेटी खुश रहे बस वो ही धनवान

मुन्ना तो सुनता नहीं क्या हैं अजब रिवाज

मुन्नी उठकर दौड़ती जब जब दू आवाज ||

            
घर की सब चहल –पहल हैं बेटी,

जीवन में खिला कमल हैं बेटी 

कभी धूप गुनगुनी सुहानी

कभी चंदा शीतल हैं बेटी ||


शिक्षा गुण संस्कार रोप दो

फिर बेटो से सबल हैं बेटी

सहारा दो अगर विश्वास का

तो पावन गंगाजल हैं बेटी ||


प्रकर्ति के सद्गुण सींचो

तो प्रकति की निश्छल हैं बेटी

क्यों डरते हो पैदा करने से

अरे आने वाला कल हैं बेटी ||

                                                                                                                   

                         

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