मै  ब्लॉगर मीट  का अनुभव शेयर करने जा रहा हूँ  जो 15th मई  2016 को  THE LALIT  HOTEL मे आयोजित हुई थी !

मै कुछ भी लिखने से पहले अर्पित वर्मा (learningarpit.blogspot.in) को दिल की असीम गहराइयों से धन्यवाद देता हूँ क्योंकि मै blogger उनके मार्गदर्शन से बना ! 

अर्पित  ने ही मुझे ब्लॉग लिखने के लिए प्रेरित किया |


EXCITEMENT OF BLOGGER MEETING -

मै करीब सितम्बर  2015 में indibloggger का सदस्य बना और उस दिन से मै ब्लॉगर मीट  का बेसब्री से इन्तजार कर रहा था उसके बाद मुम्बई   और बंगलुरू  में मीट हुई लकिन मै ज्वाइन  नहीं कर सका |

13 MAY 2016  करीब  @11:30 PM  मै अपनी स्टडी कर रहा था वे  पल मेरी समृति से ओझल नही हो सकते जब अर्पित ने मुझे फ़ोन कर बधाई देते हुए सूचना दी अब तुम्हारे इंतजार की घड़ियाँ समाप्त हो चुकी हैं उसने बताया इस बार BLOGGERMEET @ THE LALIT hotel  DELHI में हैं  मैंने तुरंत  ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया!

रजिस्ट्रेशन के बाद blogger meet तक का छण मेरे अपार ख़ुशी ओर पुरे जोशो खरोश से भरा था  ! इंतजार की घड़ियाँ ऐसी ही होती हैं!

15 MAY 2016 @ 10:30 AM  - 

मेरे निवाश से THE LALIT HOTEL  की जिसमे bloggermeet आयोजित  होनी थी तक के पहुचने में मात्र एक घंटा लगता  लकिन bloggermeet में शामिल होने की ख़ुशी और उसमे भागीदारी करने का जूनून इतना था की मै meet का एक भी छण व्यर्थ नहीं करना चाहता था ! मै घर से @10:30 पर ही निकल गया ! मैं 12:00 PM THE HOTEL पर था!

इसी  दौरान आने वालो लोगो के बीच बातचीत का शिलशिला शरू हुआ और मेरी मुलाकात Mr. VIKAS से हुई जो सभी से गर्म जोशी से मिल रहे थे मुझे एक पल भी अकेलापन महसूस नही हुआ !

हमने वहां कुछ सेल्फी भी ली !


REGISTRATION TIME-

उसी दौरान एंट्री शुरू हुई और ये छण भी मेरे लिए उत्सुकता पूर्ण थे  क्योंकि होस्ट  रिसेप्शन पर अपनी ड्यूटी .को निष्ठा से निभाते हुए सभी प्रतिभागी को वार्म वेलकम भी दे रहे थे !
वही पर रजिस्ट्रेशन के पश्चात् ID चेक  के बाद हमने Dyning Hall में  प्रवेश किया !

LUNCH TIME-

                              वाह! क्या व्यवस्था थी सब कुछ देखते ही बनता था हर चीज चाहे वो प्लेट हो या चम्मच हो या फोर्क्स हो और खाने के व्यंजन सब उचित स्थान पर सुव्याविस्थत तरीके से रखे थे और वहा बैठ्ने की भी अच्छी वयव्य्स्था थी  Arangement इतना माकूल था की की वेज और नोनवेज दोनों ही प्रकार के पकवान थे !
ड्राई फ्रूट्स  , फ्रेश फ्रूट्स ,आइसक्रीम और चोकलेट सौस भी सबको आनद दे रही थी !

वेटेर्स का प्रेम भरा लैह्जा भी भोजन की स्वादिष्टता को बढ़ा रहा था!

भोजन के उपरांत हमने कांफ्रेंस हॉल में प्रवेश किया !

CONFERENCE HALL-


 कांफ्रेंस हॉल को देकर में दंग रह गया बैठने की समुचित  व्यवसथा थी और  सभी प्रतिभागी के लिए फाइल और पेंसिल की व्यवस्था थी साथ ही पानी की बोतल और गिलास की व्यवस्था थी!

सभी प्रतिभागी द्वारा अपनी अपनी सीट ग्रहण करने के बाद मीटिंग कार्यवाही शरू हुई  शुरू में  कन्वीनर मंच पर आय और कम शब्दों में गरिमा पूर्ण वार्म वेलकम दिया !
फिर उन्होंने randomly उपिस्थत जनो कुछ का परिचय लिया और उन्हें बड़े स्टालिश तरीके से गिफ्ट भी दिया मै इसे दुर्भाग्य ही समझूँगा की मुझे परिचय देने का अवसर नही मिला मै मेमोराब्ल गिफ्ट से वंछित रहा !

AFTER INTRODUCTION -


 कन्वीनर ने मॉडरेटर Mrs. NATASHA BADHWAR जो MOTHER MEDIA PROFESSIONAL और साथ BLOGGER भी हैं मंच पे मीटिंग को कंडक्ट कराने के लिए  आमंत्रित  किया !

नताशा ने बड़े ही जोश के साथ DR. RAJIV CHABRA , DR. SATINDER KAUR VALIA , DR. JYOTI BATRA जो मेडिकल के छेत्र पुरे देश में पहचान रकते हें यह कहना अतिशयोक्ति नही होगी वो उनकी ख्याति अन्तराष्ट्रीय हैं
उन्होंने बताया  बच्चों लो क्या खिलाना चाहिए और क्या नहीं ये मार्गदर्शन सभी के लिए अमूल्य था खासकर पेरेंट्स के लिए !
उन्होंने निर्देश दिए की बच्चो को कसे fast and junk फ़ूड से कसे बचाया जाये जिससे उनकी मेंटल और फिसिकल ग्रोथ में ब्रेक न लगे घर पर उन्हें उन्ही उसी तराह का खाना दिया जाए !

उन्होंने सभी के doubts को दूर किया को खास कर mothers अपने बच्चो की हेल्थ के लिए परेशान थी वो काफी knowledgeble सेशन था !

इसी सेशन के दोरान हमने कोल्ड coffie का भी आनंद उठाया!

PRODUCT LAUNCHING -   
  

यह वह समय था जिसके लिए हमे गेस्ट बनाया और हमे यह मीटिंग attend करने का अवसर प्राप्त हुआ 

MR. AMAR  head  P GSK उन्होंने HORLICKS CATCH ON GROWTH के INGRIDENTS के बारे में बताया और FUNCTIONAL and GROWTH NUTREENS को भी समझाया!

IMPORTANT FACTS -  

उन्होंने बताया की बच्चे की ग्रोथ अगर सही हो रही हैं  तो उसे ये सप्लीमेंट की कोई जरूरत नही हैं यह एक इम्पोर्टेन्ट पॉइंट था जिससे ज्ञात होता हैं उन्हें अपने हित के साथ समाज के हित की भी चिंता हैं ये पॉइंट उनके करैक्टर को दर्शाता हैं !

उन्होंने ये भी क्लियर किया ये product मार्किट मैं दुसरो product से कितना भिन्न हैं!

TEA BREAK  -

इसके बाद हमे TEA BREAK MILA सभी प्रतिभागी ने TEA COFFIE और COOKEES का आनंद उठाया 

FINAL SHOT AND MASTI -



TEA ब्रेक के बाद हम कांफ्रेंस हॉल में गये हमे INDIBLOGGER मेम्बर ने काफी FUN कराया हमने काफी फन किया और हमको 10 -10 लोगो के ग्रुप में होने को कहा और एक TEAM में से एक CAPTAIN बना !

हमे टास्क मिला एक VEDIO का जिसका टाइम 30 SECOND रखा गया इसमें टीम को एक होर्लिक्स ग्रोथ का एक मेसेज देना था !

हमने काफी फन किया और  HUR HUR इवेंट ने सबके दिल मैं जोश भर दिया !

हमारी GROUP PICS हुई और सबको BYE BYE बोलकर MEETING ओवर हुई!

DEPARTURE-

कांफ्रेंस hall से निकलने के बाद एग्जिट पर सभी BLOGGERS को HORLICKS का एक डिब्बा गिफ्ट में दिया गया जो भले ही प्रचार के उद्देस्य से दिया गया हो ये उस लाइट में न लेकर  उनकी आत्मीयता के रूप लिया जाना चाहिये!

VOTE OF THANKS-


अंत मै मै INDIBLOGGER TEAM के प्रति अपनी और से ह्रदय की गहराई से आभार व्यकत करता हूँ जिन्होंने मुझे इस CONFRENCE मै आने का अवसर दिया!

और उनके आत्मीयता पूर्ण व्यवहार और उनके द्वारा प्रद्द्तव स्वागत के लियी उन्हें बहुत बहुत धन्यवाद प्रेषित करता हूँ!

मैं डॉ. DR. RAJIV CHABRA , DR. SATINDER KAUR VALIA , DR. JYOTI BATRA धन्यवाद् देना चाहता हूँ जिन्होंने बच्चो के HEALTH सम्बंधी अमूल्य जानकारी दी जो आमतोर पर नही होती और कांफेरेस LEARNING PLATFORM मैं परिवर्तित हो गया


यदि होर्लिक्स के विषय मैं तारीफ के दो शब्द न कहे जाए तो यह उनके साथ अपराध होगा उन्होंने बच्चो की सही से ग्रोथ को ध्यान मैं रखकर ये PRODUCT बनाया जिनसे बच्चो को वाक्य लाभ होगा 
होर्लिक्स कंपनी को बहुत बहुत धन्यवाद

एक बार पुनह: धन्यवाद!

@


                             Lack of education

 Learning is a continuous process .There is no age limit of learning.   Not only we take lessions from our elders but we learn from our youngers too .Sometimes we learn from others such a thing that plays a vital role in our life and save us from so many troubles and difficulties . Today I am going to describe  an event of my life when i realized the vitality of education.

Whenever i remember the time of tragic death of my grandmother and think over the words of consolation of our neighbours , i feel more pain than what they console. This is because of lack of education. Actually they wanted to console  but the words spoken by them were not timely driven .

Generally neighbours feel an affiliation with the hurted persons.
To pay homage to the departed sole, the neighbours covered the body by the sheets of clothes. Persons were actually doing it but they were saying seeing the large number of bed sheets that “the old women had been loaded” which sounds to be pathetic. They would have said that the old lady was so kind that a large no of persons attended the funeral and paying homage .

This prove the significance and importance of education.
Had they been educated they would not have spoken those painful words.


                    उम्मीद
 
संकट यूँ गुज़र जायेगा 
नया सवेरा भी आयेगा
रात की अँधेरी छाया गुज़र जायगी
सुबह की नई रोशनी भी आयगी

ऐसा कोई व्यक्ति नहीं हैं जिसने असफलताओं का सामना न किया हो | जितने भी महान लोग हुए हैं वे हर कदम पर सफल नही रहे , उन्होंने भी नाकामयाबी को अपनी ताकत बनाया | वे हारे नहीं बल्कि और ऊर्जा के साथ आगे बढे | उन्ही से प्रेरणा लेकर मैंने अपने भावों को कविता का रूप देने की कोशिश की हैं |

बेबस हालात गुज़र जायंगे
नए अवसर भी आयेंगे
मन की ख़ामोशी भी चली जाएगी
आवाज अपनी भी लौट के आयगी  

आप गाँधी जी को ले लीजिये ,चैपलिन ,बिलगेट्स ,या फिर धीरू भाई अम्बानी की जिन्दगी पर नज़र डालिए इन सब ने असफलताओं का सामना किया हैं | जिन वैज्ञानिको ने आविष्कार किये या जिन लेखकों ने  नॉवेल लिखे उन्होंने भी जिन्दगी मैं संघर्ष किये हैं |

उम्मीद आपको बांधकर रखती हैं जिस दिन हम उम्मीद करना बंद कर देंगे उस दिन आप जीना बंद कर देंगे |
मुझे ऐसा लगता हैं कि आशावादी होना आसान हैं और मुश्किल भी हैं | आसान इसलिए क्योंकि यह जिन्दगी चलाने का आसान तरीका हैं , उमीदे जिन्दा होती हैं तो आप दुखी कम होते हैं |
मुश्किल इसलिए अगर आप के पास उम्मीद ही नही हैं न ही आप किसी भी चीज को पाने के लिए प्रयास करोगे न ही जिन्दा रहोगे |
इसलिए मैं कहता हूँ
HOPE IS LIFE .......








         एक दीपक तो जला होगा 
सोचा था शहर में एक दीपक तो जला होगा

अँधेरी भीगी सी रात में रोशनी का कोई तो निशाँ होगा

सडको पर कहने को बत्तिया तो टिमटिमा रही थी

 पर पूरे शहर में आसरे की परछाई भी नहीं थी ||



सिर्फ भीगी रात मेरा पता पूछ रही थी

दीवारों को देखा तो वो भी मुह मोड़े खड़ी थी

विकल्पों की दुनिया में स्थिरता ढूँढ रहा था

भूल गया था ये दुनिया इंसानियत की बाघी हो चुकी थी ||


 सालों चलता रहा  जिस  पगडंडी पर मै

आगे चलकर देखा वो किसी और रास्ते से मिल चुकी थी

मैंने खाली सड़क से पूछा , आदमी यहाँ कुछ पल तो रुका होगा
सोचा था शहर में , एक दीपक तो जला होगा ||


शाम का पंछी भी मुहँ मोड़ के निकला है मुझसे
मेरी गलती को दिखा सके वो आइना तो बना होगा

रास्ते भी टेढ़े हो गए है कारवां को बहकाने के लिए
समय जैसे ठहर गया हो संयम आजमाने के लिए ||


अँधेरा चुप है बेबस है खामोश है पर साथ खड़ा तो है  

उजाला तो सिर झुकाए बैठा नज़रे मिलाता ही नहीं है

पर सोचता हूँ सूरज से नजरें मिलानी होंगी

मंजिल तक पहुँच सकूँ ऐसी अपनी राह खुद बनानी होगी ||


रास्ते के उजाले मांगे रोशनी मुझसे

अपनी हस्ती इतनी रोशन बनानी होगी  

ऐसा कर आगे बढूँ यहीं किस्मत में लिखा होगा

सोचा था शहर में , एक दीपक तो जला होगा

अँधेरी भीगी सी रात में , रोशनी का कोई तो निशां होगा ||


         क्या कहूँ आप से

राज की बात हैं क्या कहूँ  आप से
हर तरफ मात हैं क्या कहूँ  आप से
अँधेरी रात की चादरों ने हमे ढक लिया
वक्त की बात हैं क्या कहूँ  आप से
मुश्किलें सफ़र की हैं अपनी जगह
और फिर दर्द हैं क्या कहूँ  आप से
खों गये आँख से सारे मौसम मगर
सिर्फ बरसात हैं क्या कहूँ  आप से
महके महके से हैं अब मेरे रात दिन

किसकी सौगात हैं क्या कहूँ  आप से ||

             
          वो भी क्या वक्त था



मौसम की तब्दीली कहिये या पतझड़ का बहाना था
पेड़ को तो बस शूखे पत्तों से छुटकारा पाना था



तेरी सूरत पढ़ कर मुझको सोच लिया करते थे लोग
वो भी था एक वक्त कभी ऐसा भी एक जमाना था

    


रेशा रेशा होकर अब बिखरी हैं मेरे आँगन में
रिश्तों की वो चादर जिसका वो ताना मैं बना था



उन गलियों में अब बेगानेपन के डेरे हैं
जिन गललियों में हमारा अक्षर आना जाना था   














          कदम बढाओ
                                 
जरा कदम बढाओ समय आपका हैं
संसार में छा जाओ समय आपका हैं 

प्रश्नो को सुलझाने का मौसम आया
राहें  नई बनाने का मौसम आया
गीत क्रांति के गाने का मौसम आया हैं
क्रांति दूत बन जाओ समय आपका हैं
दुनिया पर छा जाओ समय आपका हैं ||

सबको गले लगाओ समय आपका हैं
संसार में छा जाओ समय आपका हैं
 गीत सुनाओ प्रेम और सच्चाई के
नगमे गाओ रोज नई ऊंचाई के
 जरा कदम बढाओ समय आपका हैं
संसार में छा जाओ समय आपका हैं ||




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